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फाउंडेशन स्कूल बना बिहार का पहला विद्यालय, जहाँ विद्यार्थियों ने लिया फ्लाइट सिम्युलेटर का वास्तविक अनुभव

बक्सर। शुक्रवार की संध्या फाउंडेशन स्कूल के लिए ऐतिहासिक और जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बन गई, जब विद्यालय परिसर में एविएशन जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। हल्की रोशनी और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कैप्टन निपुण की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी।

यह कार्यक्रम Flying Scholar और फाउंडेशन स्कूल के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। मैदान अभिभावकों और बच्चों से खचाखच भरा हुआ था, जो अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित दिखे।

पायलट बनने की प्रक्रिया से लेकर AI तक की जानकारी
कैप्टन निपुण ने विद्यार्थियों को एविएशन क्षेत्र की बारीकियों, पायलट बनने की प्रक्रिया, आधुनिक विमानन तकनीक तथा एयरलाइन उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है। यदि विद्यार्थी प्रारंभिक अवस्था से ही सही मार्गदर्शन प्राप्त करें, तो वे इस क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य श्री मनोज त्रिगुण ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि National Education Policy 2020 (NEP 2020) में STEM शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) और व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष बल दिया गया है। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

फ्लाइट सिम्युलेटर रहा मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण फ्लाइट सिम्युलेटर रहा। विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी सिम्युलेटर पर बैठकर अपने बच्चों को पायलट की भूमिका में देखा। कॉकपिट में आत्मविश्वास के साथ प्रशिक्षण लेते बच्चों को देखकर अभिभावक भावुक और गौरवान्वित नजर आए। उन्होंने विद्यालय की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।

गौरतलब है कि फाउंडेशन स्कूल बिहार का पहला विद्यालय बन गया है, जहाँ विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में ही फ्लाइट सिम्युलेटर का वास्तविक अनुभव प्रदान किया गया। यह पहल न केवल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, बल्कि उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देती है।

कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब विद्यालय, अभिभावक और विशेषज्ञ मिलकर कार्य करते हैं, तो शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। यह संध्या विद्यार्थियों के जीवन में एक प्रेरणादायी अध्याय के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी।

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