

बक्सर। जिले में इंटरमीडिएट वार्षिक सैद्धांतिक परीक्षा 2026 की शुरुआत सोमवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो गई। जिले के कुल 32 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। निर्धारित समय से पूर्व ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए, जहां चिट-पुर्जों एवं इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की सघन जांच के बाद उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया।

एमपी उच्च विद्यालय में आदर्श केंद्र नहीं होने के बावजूद हुआ स्वागत
बक्सर एमपी उच्च विद्यालय में इस वर्ष आदर्श परीक्षा केंद्र घोषित नहीं रहने के बावजूद परीक्षार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। परीक्षा देने पहुंचे छात्रों पर पुष्प वर्षा की गई, तिलक लगाया गया तथा टॉफी बांटकर शुभकामनाएं दी गईं।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार सिंह स्वयं मौजूद रहे और उनकी देखरेख में यह सराहनीय पहल संपन्न हुई। इस पहल से परीक्षार्थियों का मनोबल बढ़ा और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

मॉडल परीक्षा केंद्रों पर रहा उत्सवी माहौल
जिले में कुल चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों को फूलों, मालाओं एवं बैलून से सजाया गया।
इंदिरा उच्च विद्यालय, जेल रोड को फूल-मालाओं से सजाया गया, वहीं संत मेरी हाई स्कूल, नया बाजार में बैलून से भव्य तोरण द्वार बनाया गया। मॉडल केंद्रों पर मुख्य द्वार से परीक्षा हॉल तक कारपेट बिछाया गया था। परीक्षार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा कर वीक्षकों, मजिस्ट्रेटों एवं केंद्राधीक्षकों द्वारा स्वागत किया गया।
डीएम ने किया औचक निरीक्षण
इंटर परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला दंडाधिकारी साहिला द्वारा एमवी कॉलेज बक्सर एवं एमपी उच्च विद्यालय रामरेखा घाट परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया।
डीएम ने केंद्रों पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, केंद्राधीक्षक एवं वीक्षकों को सतर्क रहते हुए परीक्षा संचालन कराने के निर्देश दिए।
पहले दिन 6,082 परीक्षार्थी रहे उपस्थित
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को दोनों पालियों में कुल 6,196 परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिसमें 6,082 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 114 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
प्रथम पाली में जीव विज्ञान एवं दर्शनशास्त्र विषय में 5,251 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि दूसरी पाली में अर्थशास्त्र विषय में 831 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। कदाचार के किसी भी मामले में एक भी निस्कासन नहीं हुआ।
देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थी हुए वंचित
कई परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय से कुछ मिनट विलंब से पहुंचे परीक्षार्थियों को परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया। बोर्ड के निर्देशानुसार प्रथम पाली में सुबह 9 बजे एवं दूसरी पाली में दोपहर 1:30 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिए गए।
एमपी उच्च विद्यालय सहित अन्य केंद्रों पर देर से पहुंचे परीक्षार्थियों ने अधिकारियों से विनती भी की, लेकिन नियमों के कारण प्रवेश नहीं मिला, जिससे कुछ समय के लिए गेट पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।
दिनभर सक्रिय रहा प्रशासन
कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर जोनल एवं सुपर जोनल अधिकारियों की गाड़ियां लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करती रहीं। प्रशासनिक सख्ती के चलते परीक्षार्थियों में अनुशासन और सतर्कता का माहौल बना रहा। दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।



