
बक्सर: महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा एक आकर्षक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न विषयों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. कृष्णा कांत सिंह ने कहा कि यह महाविद्यालय महर्षि विश्वामित्र के नाम पर स्थापित है, जिनकी गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बताया कि महर्षि विश्वामित्र के शिष्य भगवान राम और लक्ष्मण थे, जो आदर्श शिष्य के रूप में जाने जाते हैं।
उन्होंने छात्रों को अनुशासन में रहकर शिक्षा ग्रहण करने और समाज व देश का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी। साथ ही कहा कि आज के शिक्षक और छात्रों की जिम्मेदारी है कि वे इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएं।
इस अवसर पर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शशि काला एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है और उनका बौद्धिक विकास होता है। उन्होंने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए ऐसे आयोजनों की महत्ता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. रास बिहारी शर्मा, डॉ. पंकज चौधरी, डॉ. अवनीश कुमार पाण्डेय, डॉ. नवीन शंकर पाठक, डॉ. प्रिय रंजन चौबे, डॉ. आलोक चतुर्वेदी, डॉ. छाया चौबे, डॉ. रवि प्रभात, डॉ. सीमा एवं डॉ. अर्चना पांडेय सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।




