
बक्सर: राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुटुंब न्यायालय के प्रयास से कुल 14 वैवाहिक (मेट्रिमोनियल) मामलों का सफल निपटारा किया गया। मध्यस्थता के माध्यम से कई बिछड़े दंपतियों के बीच सुलह कराकर उन्हें फिर से एक साथ रहने के लिए तैयार किया गया।
इस क्रम में धीरेन्द्र कुमार व रीना सिंह, रविकांत सिंह व अनिता देवी तथा गायत्री कुमारी व विश्वामित्र वर्मा सहित अन्य दंपतियों के मामलों की सुनवाई पूरी कर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराया गया। मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे को गले लगाकर फिर से साथ रहने को तैयार हो गए और पति अपनी पत्नी को अपने साथ घर ले गए।
लोक अदालत के तहत प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय Manoj Kumar के प्रयास से इन मामलों में सुलह संभव हो सका। इस पहल से कई परिवारों को नया जीवन मिला और बच्चों को भी माता-पिता का स्नेह प्राप्त होगा।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश Kajal Jhamb, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव Neha Dayal, पैनल अधिवक्ता रामानंद मिश्रा, दीनदयाल कुंवर, राहुल नारायण सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से वैवाहिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान होने से संबंधित परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला।




