रोटरी बक्सर का ऐतिहासिक पारिवारिक मिलन समारोह, सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य अभियानों की गूंज


बक्सर।रोटरी बक्सर द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) ट्रेनिंग का आयोजन साबित खिदमत अस्पताल में किया गया। यह प्रशिक्षण 28 दिसंबर को रोटरी बक्सर के पीपीएच कैंपस कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जिले में अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर की जानकारी देकर आपात स्थिति में जान बचाने के लिए सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर रोटरी बक्सर के अध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि सीपीआर जैसी जीवन रक्षक तकनीक की जानकारी सभी सिविल सोसाइटी, स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों से जुड़े लोगों को अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों में चलाया जा रहा है, ताकि आम लोग भी जरूरत पड़ने पर स्वयं सीपीआर दे सकें।
डॉ. दिलशाद आलम ने प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि आपात स्थिति में एक मिनट में लगभग 100 से 120 चेस्ट कंप्रेशन देना चाहिए। उन्होंने बताया कि 30 कंप्रेशन के बाद दो बार मुंह से सांस (रेस्क्यू ब्रीद) देना आवश्यक होता है और साथ ही तुरंत नजदीकी अस्पताल या इमरजेंसी सेवा को कॉल करना चाहिए।
यह सीपीआर प्रशिक्षण शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। यह रोटरी बक्सर द्वारा आयोजित तीसरा सीपीआर ट्रेनिंग कार्यक्रम था। इससे पहले यह प्रशिक्षण आचार्य नरेंद्र देव स्कूल में तथा इसके बाद साबित खिदमत अस्पताल में आयोजित किया गया। आगामी चरण में इसे विभिन्न स्कूलों में भी आयोजित करने की योजना है।
कार्यक्रम में ओमप्रकाश, घघरी देवी, शिल्पी रानी, अमृता, तरन्नुम, प्रमोद, कौशल किशोर, मंगला राय, रोटेरियन रियासत अंसारी, प्रेसिडेंट इलेक्ट निर्मल सिंह, रोटरेक्ट राहुल, सेक्रेट्री साहिल सहित अस्पताल के कई कर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण, कंबल वितरण, नारी सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष चर्चा की गई। रोटरी बक्सर द्वारा अब तक पेड़ लगाने, गरीबों को ठेला देने, छात्राओं को साइकिल वितरण जैसे कई सामाजिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। संस्था ने आगे भी ऐसे जनहितकारी कार्य अनवरत जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।



