
बक्सर शहर के ज्योति प्रकाश चौक स्थित रश्मि मैटरनिटी क्लीनिक में एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। क्लीनिक की मुख्य चिकित्सक डॉ. रश्मि रानी ने गर्भवती महिला के पेट से करीब 40 सेंटीमीटर का विशाल ओवेरियन सिस्ट निकालते हुए मां और नवजात दोनों की जान बचा ली। इस सफल ऑपरेशन के बाद मरीज के परिजन और स्थानीय लोग डॉक्टर की सराहना कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार जिले के राजपुर प्रखंड के तियरा गांव निवासी 25 वर्षीय रूनी देवी गर्भावस्था के दौरान पेट में असामान्य रूप से अत्यधिक सूजन और तेज दर्द की समस्या से परेशान थीं। परिजनों ने बक्सर जिले के कई चिकित्सकों से परामर्श लिया, लेकिन मामला जटिल होने के कारण कई डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया और मरीज को हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी।
आखिरकार परिजन रूनी देवी को लेकर ज्योति प्रकाश चौक स्थित रश्मि मैटरनिटी क्लीनिक पहुंचे, जहां मुख्य चिकित्सक डॉ. रश्मि रानी ने मरीज की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया। उन्होंने अपनी मेडिकल टीम के साथ चर्चा कर परिजनों को बताया कि ऑपरेशन काफी जोखिम भरा है, लेकिन पूरी कोशिश की जाएगी।
जांच के दौरान पता चला कि महिला के अंडाशय में लगभग 40 × 30 × 25 सेंटीमीटर का विशाल ओवेरियन सिस्ट विकसित हो गया है, जो गर्भावस्था के दौरान बेहद दुर्लभ और खतरनाक स्थिति मानी जाती है। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
करीब डेढ़ घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी के दौरान पहले सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षित तरीके से एक स्वस्थ बच्चे का जन्म कराया गया। इसके बाद अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ महिला के पेट से करीब 40 सेंटीमीटर का विशाल ओवेरियन सिस्ट सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान इतने बड़े आकार का ओवेरियन सिस्ट मिलना बेहद दुर्लभ होता है और इस तरह की सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होती है। फिलहाल मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
इस संबंध में डॉ. रश्मि रानी ने बताया कि मरीज काफी जटिल स्थिति में उनके क्लिनिक पहुंची थी। सिस्ट का आकार बहुत बड़ा था और गर्भावस्था के कारण जोखिम भी अधिक था। पूरी टीम ने सावधानीपूर्वक और समन्वय के साथ ऑपरेशन किया, जिसका परिणाम सुखद रहा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि मां और बच्चा दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
वहीं सफल ऑपरेशन के बाद मरीज के परिजनों ने डॉक्टर और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कई जगहों से निराश होने के बाद यहां उम्मीद की किरण मिली। परिजनों ने भावुक होकर कहा कि डॉक्टर उनके लिए भगवान से कम नहीं हैं, जिन्होंने उनकी बेटी और उसके बच्चे दोनों की जान बचा ली।
इस सफल सर्जरी के बाद शहर में डॉक्टर और उनकी टीम की चिकित्सा दक्षता और समर्पण की चर्चा हो रही है।




