

Lजिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हिलाहवाली और विभिन्न मदों में प्राप्त राशि खर्च नहीं होने को लेकर जिला परिषद (जिप) सदस्य नाराज हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो वे जिला परिषद कार्यालय पर धरना देंगे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित ‘समृद्धि यात्रा’ का विरोध करेंगे।
गुरुवार को डाक बंगला परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में जिप सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि विकास कार्यों में बक्सर बिहार में अंतिम पायदान (38वें स्थान) पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग, षष्टम राज्य वित्त आयोग, पंचम वित्त आयोग एवं डीपीआरसी की राशि खर्च नहीं होने के कारण लगभग 10 करोड़ रुपये वापस लौट गए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 15वें वित्त एवं षष्टम राज्य वित्त आयोग के लगभग 60 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं, लेकिन संबंधित पदाधिकारियों की मनमानी और उदासीनता के कारण राशि का उपयोग धरातल पर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार और उच्चाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में कई मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्त हुए, लेकिन किसी ने योजनाओं की समुचित समीक्षा नहीं की।
डॉ. कुमार ने कहा कि कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं, उनकी प्रगति धीमी है या वे लंबित हैं। करीब 5 करोड़ रुपये के कार्यों का भुगतान अटका हुआ है, जिससे ठेकेदारों में आक्रोश है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अन्य योजनाओं का कार्य भी ठप होने का आरोप लगाया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर योजनाओं की गति तेज नहीं की गई और आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां नहीं दी गईं, तो सभी जिप सदस्य अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे तथा मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ का विरोध करेंगे।



