बक्सर में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर सिंह शराब के नशे में गिरफ्तार

बक्सर सारण जिले के महाराजगंज से जुड़े पूर्व बाहुबली सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर सिंह को शनिवार की देर शाम औद्योगिक थाना पुलिस ने शराब के नशे में गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद उन्हें छुड़ाने के लिए पुलिस अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे, लेकिन पुलिस पर दबाव बनाने के सारे प्रयास विफल हो गए। मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने उन्हें उत्पाद अधिनियम एवं पुलिस कार्य में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लक्जरी कार से पहुंचे, पुलिस से की बदतमीजी
पुलिस के अनुसार लक्जरी कार पर सवार होकर पहुंचे सुधीर सिंह कथित तौर पर नशे की हालत में थे। जब पुलिस ने उनकी कार रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस के सामने धौंस जमाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी भी की। इसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया और मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई।
इसके साथ ही उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, साथ ही पुलिस से उलझने के आरोप में अलग से प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश नाकाम
सुधीर सिंह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उन्हें छुड़ाने के लिए कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष से लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस ने साफ कर दिया कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह के दबाव में नहीं आया जाएगा।
अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने सुधीर सिंह के खिलाफ अन्य थाना में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले हैं। पुलिस के मुताबिक बक्सर में उत्पाद अधिनियम और पुलिस से बदसलूकी के आरोप में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वहीं अन्य थानों में दर्ज चार-पांच मामलों की भी जानकारी जुटाई गई है। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कहते हैं अधिकारी
औद्योगिक क्षेत्र थाना, बक्सर के थानाध्यक्ष सुरेश सिंह ने बताया कि सुधीर सिंह को शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम और पुलिस से बदसलूकी के मामले दर्ज किए गए हैं, साथ ही अन्य थानों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले गए हैं।




