बक्सर सती घाट पर विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन
भजन-कीर्तन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का दिया गया संदेश


बक्सर।नगर के सती घाट स्थित रामबाग बस्ती में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन की शुरुआत प्रयागराज से आए प्रसिद्ध भजन गायक धीरज पाण्डेय द्वारा की गई, जिन्होंने मन मस्त फकीरी धारी, भगवान श्रीराम, मां गंगा, भारत माता के देशभक्ति गीतों एवं होली के भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान महंत महेंद्र गिरी, महंत गुरुदास मठिया (काशी), श्री श्री 108 श्री श्यामा दास जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह राजेंद्र प्रसाद एवं सेविका समिति की जिला कार्यवाहिका पूनम चतुर्वेदी ने प्रभु श्रीराम एवं भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाह राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि संघ अपने सौ वर्षों की यात्रा में समाज में सामाजिक समरसता, संगठन और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से निरंतर कार्य करता रहा है। उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में हर बस्ती और मंडल स्तर पर हिन्दू सम्मेलन आयोजित कर समाज को दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
महंत श्री श्यामा दास जी ने अपने उद्बोधन में भारत माता के गौरव और सांस्कृतिक चेतना पर प्रकाश डाला, वहीं महंत महेंद्र गिरी जी ने राम नाम कीर्तन के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कार और राष्ट्र सेवा का संदेश दिया। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्लास्टिक भगाओ, पानी बचाओ और पेड़ लगाओ जैसे नारों को आत्मसात करने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन मां गंगा एवं भारत माता की भव्य आरती के साथ किया गया। सम्मेलन का सफल संचालन विवेक सिंह ने किया।
इस अवसर पर नगर संघचालक ओम प्रकाश वर्मा, अवधेश पाण्डेय, अवनींद्र कुमार, देवेंद्र शर्मा, विजय राजभर, मनोज गुप्ता, यतीन्द्र चौबे, राहुल शर्मा, विकास जयसवाल, अरविंद सिंह, रवि कांस्यकर, माधुरी कुंवर, बेबी देवी, भारती देवी, राम नारायण, गौरव कुमार, मोहन वर्मा, ओम प्रकाश गुप्ता, लक्ष्मण शर्मा, अवनीश कुमार, राकेश वर्मा, चिंटू वर्मा, मार्कण्डेय सिंह, त्रिभुवन पाण्डेय, सोनू वर्मा, तेज नारायण ओझा, अविनाश कुमार, मदन दुबे, शिव जी खेमका, राजकुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।



