विश्वामित्र सेना ने मनाया स्थापना दिवस, एक वर्ष की सेवा, संघर्ष और संकल्प की गूंज


बक्सर। सनातन संस्कृति, धर्म और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित संगठन विश्वामित्र सेना के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार 22 जनवरी को भव्य स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। भक्ति-भाव, सेवा संकल्प और सनातन चेतना से ओत-प्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बक्सरवासी शामिल हुए।

पिछले एक वर्ष की अल्प अवधि में विश्वामित्र सेना ने दिन-रात संघर्ष करते हुए समाज और संस्कृति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण आयाम स्थापित किए हैं। संगठन ने सेवा शिविरों के आयोजन, सामूहिक जनेऊ संस्कार, सामूहिक विवाह, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ तथा रामनवमी के अवसर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा जैसे भव्य आयोजनों के माध्यम से सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। इस दौरान संगठन की आवाज सरकार के गलियारों तक भी पहुंची, जिससे बक्सर के विकास से जुड़ी कई अहम मांगों को मजबूती मिली।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा बक्सर भक्ति रस में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजकुमार चौबे ने कहा कि बक्सर जिस ऊंचाई पर होना चाहिए, वहां तक पहुंचने के लिए अभी लंबा संघर्ष बाकी है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में संगठन को संघर्ष के बल पर कई सफलताएं मिली हैं, लेकिन यह केवल शुरुआत है।

उन्होंने बताया कि विश्वामित्र सेना की प्रमुख मांगों में विश्वामित्र कॉरिडोर का निर्माण, काशी और अयोध्या की तर्ज पर बक्सर का समग्र विकास, बक्सर में एयरपोर्ट का निर्माण तथा वामन अवतार को जेल से मुक्त किए जाने जैसी मांगें शामिल हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर संगठन का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
श्री चौबे ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में विश्वामित्र सेना और अधिक शक्ति, संकल्प और ऊर्जा के साथ बक्सर की धरती पर सनातन संस्कृति के उत्थान और विकास के लिए अपना धर्मयुद्ध निरंतर जारी रखेगी।



