सप्तशक्ति संगम कार्यशाला में महिलाओं ने दिखाई सहभागिता, आदर्श माताओं को किया गया सम्मानित


बक्सर: विद्या भारती संस्थान के तत्वावधान में राष्ट्रव्यापी नारी शक्ति व उत्थान के निमित्त शनिवार को सरस्वती विद्या मंदिर, सिविल लाइंस, बक्सर में सप्तशक्ति संगम कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं एवं अभिभाविकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में वर्णित महिलाओं में निहित सात शक्तियों को जागृत कर भावी पीढ़ी को संस्कारयुक्त शिक्षा एवं पालन-पोषण प्रदान करना था। साथ ही महिलाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन के लक्ष्यों को साकार करने का आह्वान किया गया।
मुख्य अतिथि नगर महिला थाना अध्यक्षा कंचन बाला ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि— “महिलाओं को स्वयं को कमजोर नहीं समझना चाहिए, बल्कि पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर समाज को सुदृढ़ बनाना चाहिए।”
कार्यक्रम में विद्यालय के दो सफल पूर्व छात्रों की माताओं को “आदर्श माता सम्मान” से सम्मानित किया गया —
उर्मिला राय, जिनके पुत्र डॉ. प्रकाश चंद्र राय शहर के गोलंबर स्थित सिटी लाइफ हॉस्पिटल के संचालक हैं।
राजकुमारी देवी, जिनके पुत्र डॉ. अशोक कुमार सिंह वर्तमान में कनाडा में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय समिति की पूनम देवी ने की, जबकि मुख्य वक्ता आचार्या इंदु सिंह ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर विस्तृत विचार रखे।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें 15 महिलाओं को पुरस्कृत किया गया। संचालन एवं महिलाओं के संकल्प का नेतृत्व आचार्या विभा राय ने किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना सोनबरसा विद्यालय की प्रधानाचार्या सुलेखा ने रखी, कुटुंब प्रबोधन का विषय मंजू तिवारी ने प्रस्तुत किया, अनुभव कथन सिम्मी जायसवाल ने साझा किया और आभार ज्ञापन अभिभावक प्रतिनिधि जागृति सिंह ने किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि —
> “यह कार्यक्रम नारी शक्ति को राष्ट्रशक्ति में रूपांतरित करने और भावी पीढ़ी को राष्ट्रनिष्ठ बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।”



