
बक्सर। बक्सर फाउंडेशन स्कूल में शनिवार को भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति में आयोजित समारोह का वातावरण राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीडी मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज (बीएड एवं डीएलएड कॉलेज) के प्राचार्य डॉ. जेआर चौधरी ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुतियों, गीतों और नृत्यों के माध्यम से नारी सशक्तीकरण, नारी शिक्षा, भारतीय सेना के शौर्य, रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, दांडी मार्च, जलियांवाला बाग हत्याकांड, ऊधम सिंह की जीवनी, वृद्धाश्रम और शिक्षा जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने इतिहास के गौरवपूर्ण प्रसंगों को जीवंत करने के साथ ही समाज को महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। देशभक्ति गीतों और मनमोहक नृत्यों ने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. जेआर चौधरी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और ऐसे मंच उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य मनोज त्रिगुण ने बताया कि विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की संख्या अधिक होने के कारण इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए स्वतंत्रता सप्ताह के रूप में मनाया गया। इसके तहत 12 अगस्त को नर्सरी से कक्षा एक, 13 अगस्त को कक्षा दो एवं तीन तथा 14 अगस्त को कक्षा चार एवं पांच के विद्यार्थियों ने ऑडिटोरियम में अभिभावकों की मौजूदगी में अपनी प्रस्तुतियां दीं। वहीं 15 अगस्त को कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हैं, लेकिन कई बार मौलिक कर्तव्यों को भूल जाते हैं। आवश्यकता है कि अधिकारों की तरह अपने कर्तव्यों के प्रति भी पूरी निष्ठा और जागरूकता रखें।
उन्होंने समारोह की सफलता के लिए अभिभावकों का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को तैयार करने में अभिभावकों ने जिस समर्पण और मेहनत का परिचय दिया, उससे स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाएं मंच पर जीवंत होती दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होती। यह शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों, विद्यार्थियों और सपोर्ट स्टाफ के सामूहिक प्रयास, समर्पण और अथक परिश्रम का परिणाम है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस को महज एक उत्सव न बनाकर राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सामाजिक चेतना का जीवंत संदेश बना दिया। परिसर में उपस्थित लोगों के बीच देश के प्रति गर्व, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।




