
बक्सर. समाजवादी विचार मंच, बिहार के बैनर तले किसानों का प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण सोमवार को आयोजित नहीं हो सका. इससे नाराज किसान प्रतिनिधियों ने जिला उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को मांगपत्र सौंपकर अपनी नाराजगी जताई.
प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है. वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती, खाद की कालाबाजारी और सिंचाई की समस्याओं से किसान लगातार परेशान हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.
मांगपत्र में किसानों ने कृषि कार्य के लिए प्रतिदिन 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, रोपनी के दौरान ओवरलोड और लो वोल्टेज की समस्या दूर करने, एकरासी-ब्रह्मपुर सब स्टेशन में पिछले एक वर्ष से बंद पड़े 5 एमवीए ट्रांसफार्मर को चालू कराने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा नहरों में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग की.

किसानों ने आरोप लगाया कि ₹266 मूल्य वाली यूरिया खुले बाजार में ₹500 तक तथा ₹1,350 मूल्य वाली डीएपी खाद ₹2,200 तक में बेची जा रही है, जिससे किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है.
शिष्टमंडल में अरुण कुमार ओझा, चंद्रशेखर कुमार, संतोष परमहंस सिंह, शशि राय, महेंद्र सिंह, जयकृष्ण सिंह, दीपक कुमार एवं अखिलेश सिंह सहित अन्य किसान प्रतिनिधि शामिल रहे.




