
बक्सर। जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन के विवाद में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इटाढ़ी थाना प्रभारी सोनू पासवान को तत्काल बर्खास्त करने तथा अंचल अधिकारी पर कार्रवाई करने तथा सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर बक्सर सदर अस्पताल के मुख्य गेट के समीप बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को चिलबिला गांव में
धान की खेत की रोपनी का तैयारी चल रहा था। इसी दौरान कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह बाइक से खेत पर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद उनके पाटीदारों ने लाठी-डंडे से उन पर हमला कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर उनके दोनों पुत्र अखिलेश सिंह और विंटेस सिंह मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद तेज बहादुर सिंह (पिता- स्व. रामबचन सिंह), विनोद सिंह (पिता- भोला सिंह) समेत 15 से 20 लोग वहां पहुंच गए और तीनों के साथ जमकर मारपीट की। हमले में सरपंच सुभाष सिंह सहित उनके दोनों पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान सरपंच सुभाष सिंह की मौत हो गई। वहीं उनके दोनों पुत्रों का इलाज चल रहा है।
सरपंच की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने इटाढ़ी थाना प्रभारी को तत्काल बर्खास्त करने, सभी आरोपितों की अविलंब गिरफ्तारी तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
घटनास्थल पर जिले के कई पंचायतों के सरपंच भी पहुंच गए और दोषियों की गिरफ्तारी तथा प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। सभी ने एक स्वर में आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी।




