
बक्सर। फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में बुधवार को भव्य विज्ञान प्रदर्शनी ‘टेक्निकॉन 14.0’ का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने करीब 250 वैज्ञानिक मॉडलों एवं परियोजनाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान का शानदार प्रदर्शन किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष विज्ञान, स्मार्ट सिटी और रोबोटिक्स सहित विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण रहे।
प्रदर्शनी का उद्घाटन अनूठे अंदाज में किया गया। विद्यालय के नर्सरी कक्षा के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर इसका उद्घाटन किया। बच्चों और अभिभावकों की इस सहभागिता ने आयोजन को खास बना दिया। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सीखने, खोजने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने की कोई उम्र नहीं होती।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि अनादि किशोर प्रणामी और जी.डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज के प्रधानाचार्य जे.आर. चौधरी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करना था।

विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने बैंकिंग, कॉमर्स, फाइनेंस, इंश्योरेंस और कंपनियों की कार्यप्रणाली पर आधारित आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट के सिद्धांत, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के साथ दैनिक जीवन में उनकी उपयोगिता को भी विस्तार से समझाया। कई विद्यार्थियों ने लाइव प्रदर्शन और प्रयोगों के जरिए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्रा ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट से संबंधित सवाल पूछे। उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता, मेहनत और नवाचार की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। विशिष्ट अतिथि अनादि किशोर प्रणामी ने भी विद्यार्थियों को नई-नई चीजें सीखने, प्रयोग करने और अपनी कल्पनाओं को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट और वैज्ञानिक अवधारणाओं के व्यावहारिक उपयोग पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को अनुभवात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ती हैं। उन्होंने आयोजन की सफलता में शिक्षकों के योगदान, मेहनत और समर्पण की भी सराहना की।
प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में अभिभावक भी शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी वैज्ञानिक समझ, आत्मविश्वास तथा प्रस्तुतीकरण क्षमता की प्रशंसा की। ‘टेक्निकॉन 14.0’ विद्यार्थियों के लिए सीखने, खोजने, सोचने और नवाचार करने का एक प्रभावी मंच साबित हुई। इस आयोजन ने बच्चों को टीम भावना के साथ काम करने और अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने का अवसर प्रदान किया।



