
बक्सर. बड़का ढकाईच स्थित मां शारदा रेस्टोरेंट सह लाइन होटल में शराब बरामदगी के मामले में रेस्टोरेंट कर्मियों ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखा. कर्मियों ने शराब बरामदगी से रेस्टोरेंट प्रबंधन और कर्मचारियों का कोई संबंध होने से इनकार करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. कर्मियों का आरोप है कि रेस्टोरेंट संचालक को साजिश के तहत मामले में फंसाया गया है.
रेस्टोरेंट में कार्यरत मिथिलेश कुमार और छोटू कुमार ने बताया कि होटल एनएच किनारे स्थित है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन रुकते हैं और लोग चाय-नाश्ता व भोजन करने के लिए आते हैं. कर्मियों के अनुसार, घटना वाली रात दो स्कॉर्पियो से कुछ लोग रेस्टोरेंट पहुंचे थे. उन्होंने भोजन किया. बारिश होने की बात कहते हुए दोनों वाहनों को रेस्टोरेंट के समीप खड़ा कर रात में वहीं सोने की बात कही. इसके बाद अहले सुबह पुलिस टीम रेस्टोरेंट परिसर में पहुंची और वाहनों से शराब बरामद होने की जानकारी दी. शराब मिलने की जानकारी से कर्मचारी भी हैरान रह गये.
कर्मियों ने बताया कि रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों से भोजन और नाश्ते से संबंधित जानकारी ही ली जाती है. ग्राहक अपनी गाड़ियों में क्या लेकर आते हैं, इसकी जांच या पूछताछ कर्मचारियों द्वारा नहीं की जाती. कर्मियों के अनुसार, रेस्टोरेंट संचालक स्वयं यहां नहीं आते हैं और इसे लीज पर लेकर कर्मचारियों के माध्यम से संचालित कराया जाता है. यहां कार्यरत अधिकांश कर्मचारी दरभंगा के रहने वाले हैं.

अधिवक्ता ने कहा, न्यायालय में रखेंगे पक्ष
उत्पाद थाना डुमरांव में दर्ज कांड संख्या 71/26 के मामले में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि मामला उनके पास आया है. रेस्टोरेंट संचालक की ओर से साजिशन फंसाये जाने से संबंधित जो तथ्य और दलीलें सामने रखी गयी हैं, उन्हें न्यायालय के समक्ष रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत संचालक को न्याय दिलाने का प्रयास किया जायेगा.
दो स्कॉर्पियो से 687.360 लीटर शराब बरामदगी का दावा
गौरतलब है कि गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने पटना-बक्सर फोरलेन पर बड़का ढकाईच स्थित मां शारदा रेस्टोरेंट सह लाइन होटल परिसर में छापेमारी की थी. विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दो स्कॉर्पियो से कुल 687.360 लीटर विदेशी शराब बरामद की गयी. बरामद शराब की कीमत करीब सात लाख रुपये आंकी गयी है. कार्रवाई के दौरान एक चालक के फरार होने, जबकि दूसरे चालक को पीछा कर पकड़ लिये जाने की बात विभाग की ओर से कही गयी है. पकड़े गये चालक को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी दी गयी है.
वहीं, रेस्टोरेंट कर्मियों और संचालक के अधिवक्ता का कहना है कि केवल रेस्टोरेंट परिसर में वाहन खड़े होने और उन वाहनों से शराब बरामद होने के आधार पर संचालक या कर्मचारियों की संलिप्तता मान लेना उचित नहीं है. उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.




