रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए ब्रह्मपुर BEO, 10 हजार की घूस के साथ निगरानी की बड़ी कार्रवाई
निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, बीआरसी परिसर से गिरफ्तारी


बक्सर। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को ब्रह्मपुर प्रखंड में बड़ी कार्रवाई की। निगरानी टीम ने ब्रह्मपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) लक्की भाई एकता को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) परिसर से की गई, जिससे पूरे प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, गायघाट पंचायत के शिक्षक सुधीर पाठक का एरियर बकाया था। आरोप है कि बीईओ लक्की भाई एकता एरियर भुगतान के एवज में शिक्षक से लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। इससे परेशान होकर शिक्षक ने निगरानी विभाग से शिकायत की। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही शिक्षक ने बीआरसी परिसर में बीईओ को 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
निगरानी डीएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व निगरानी डीएसपी रीता सिन्हा ने किया। टीम में इंस्पेक्टर सुभाष स्वामी, श्रीषी कुमार, नागेन्द्र कुमार एवं नीरज सिंह शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद बीआरसी एवं प्रखंड कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अंचलाधिकारी पर भी लगे आरोप
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने मौके पर मौजूद अंचलाधिकारी (सीओ) खुशबू खातून पर भी आरोप लगाए। इस पर निगरानी डीएसपी रीता सिन्हा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई शिकायत है तो उसे लिखित रूप में दें, निश्चित रूप से उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध आवासीय विद्यालयों को संरक्षण देने के आरोप
गिरफ्तार बीईओ पर केवल रिश्वतखोरी ही नहीं, बल्कि कर्तव्यहीनता के भी गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि उनके कार्यकाल में रघुनाथपुर एवं आसपास के इलाकों में कई निजी आवासीय विद्यालय बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। आरोप है कि बीईओ द्वारा इन अवैध विद्यालयों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उनकी कार्यशैली पहले से ही संदेह के घेरे में थी।
न्यायिक हिरासत में भेजे जाएंगे बीईओ
निगरानी विभाग की टीम गिरफ्तार बीईओ को अपने साथ पटना ले गई है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।



