
बक्सर सदर प्रखंड स्थित हेरिटेज स्कूल अर्जुनपुर के प्रांगण में गुरुवार को विज्ञान सह सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक, निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार पाठक, प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी एवं सिल्वर बेल्स स्कूल के निदेशक प्रदीप ओझा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
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प्रदर्शनी में कक्षा II से XI तक के छात्रों ने विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पर आधारित अनेक चलंत एवं स्थायी मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों ने किसानों की सहायता हेतु रेन वाटर हार्वेस्टर, हैंगिंग सोलर सिस्टम, ग्रीन हाउस, विंड मिल, हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी मॉडल, ऑटोमैटिक फायर फाइटिंग सिस्टम, एडवांस रोबोट, रिमोट संचालित वैक्युम क्लीनर, वोल्केनो, लाइट हाउस, फार्म हाउस, माउंटेन हाउस और फॉरेस्ट वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम जैसे आकर्षक प्रोजेक्ट तैयार किए

अतिथियों ने कीसराहना
विभिन्न विद्यालयों से आमंत्रित शिक्षाविदों ने सभी प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से विषय आधारित प्रश्न पूछे। बच्चों ने आत्मविश्वास और सहजता के साथ सभी प्रश्नों का उत्तर दिया, जिससे अतिथि काफी प्रभावित हुए।
विशेष रूप से कक्षा सातवीं के छात्र रुपेश पाण्डेय द्वारा तैयार किए गए हेरिटेज स्कूल के वेबसाइट एवं ERP सॉफ्टवेयर की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।

कार्यक्रम में कैंब्रिज स्कूल के निदेशक डॉ. मोहन चौबे, बिहार सेंट्रल से सरोज सिंह, मिलेनियम स्कूल से भारत प्रसाद सिंह, इकरा डिजायर के प्राचार्य डी.एन. पाण्डेय, मशहूर शिक्षाविद डॉ. रवि शंकर उपाध्याय, कैरियर लॉन्चर नोएडा के निदेशक रामानुज मिश्रा, कैरियर लॉन्चर गुरुग्राम के निदेशक जतिन अरोरा, दत्त क्लासेज के संचालक अभिनाश दत्त सहित शहर के कई शिक्षकों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
छात्रों का उत्साह चरम पर
प्रदर्शनी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में वंश कुमार, शिवाय यादव, प्रिंस, खुशी, अश्विनी, दिव्या फातिमा, गीतांजलि, हेमंत सागर, आदर्श तिवारी, आशुतोष चौबे, निलेश पाठक, कृष्णा राय, आराध्या, राज लक्ष्मी, दित्य पाठक, अर्चित पाठक, अनन्या तिवारी, आरोही कुमारी, तिजेंद्र चौबे, परी पाठक, प्रशांत गुप्ता, प्रियांशी पाण्डेय, श्रुति कुमारी, पलक कुमारी, आकांक्षा, रिधि, सिधि एवं सूरज उपाध्याय सहित अनेक छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हैं।




