
बक्सर। नीट पेपर लीक मामले, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के संयुक्त आह्वान पर बिहार बंद के तहत बक्सर में व्यापक प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों छात्र-छात्राएं सुबह से ही किला मैदान में जुटने लगे। इसके बाद किला मैदान से निकला जुलूस शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए ज्योति चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, फायरिंग, गिरफ्तारी और दमनात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के कई जिलों में शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की गई है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पटना में आइसा के राज्य सचिव दीपंकर मिश्र और राज्य उपाध्यक्ष सबा आफरीन की गिरफ्तारी के बाद अब तक उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। उन्होंने सभी गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई, दर्ज मुकदमों की वापसी तथा पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की मांग की।

डॉ. सिंह ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। सरकार को पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए तथा परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और पेपर माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की भी मांग की।
प्रदर्शन में आइसा जिला सचिव अखिलेश ठाकुर, अनूप शर्मा, आरवाईए जिला संयोजक राजदेव सिंह, बाबूलाल राम, शैलेन्द्र पासवान, शिवजी राम, सुरेन्द्र प्रसाद, विवेक कुमार, लक्ष्मण भारती, कृष्णा यादव, रविशंकर कुमार, बिरन यादव, अभिषेक पासवान, रिंकू कुरैशी, प्रभात कुमार, रवि मौर्या, अनाम कुमार, दीपु कुमार, गुड्डू, बलीराम, संतोष यादव, राजकुमार, राजेश कुशवाहा, देवेंद्र प्रियदर्शी, कुंदन कुमार, हरेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, जनसंगठनों के प्रतिनिधि, महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।




