
बक्सर। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत शनिवार को दधीचि देहदान समिति, बक्सर एवं सहयोगी संस्थाओं की ओर से जनजागरण पदयात्रा का आयोजन किया गया। दो दिवसीय यह पदयात्रा बक्सर से डुमरांव तक निकाली जा रही है। यात्रा के माध्यम से लोगों को नेत्रदान, अंगदान एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
पदयात्रा को संबोधित करते हुए दधीचि देहदान समिति की अध्यक्ष एवं नगर परिषद बक्सर की पूर्व चेयरमैन मीना सिंह ने कहा कि नेत्रदान महादान है। मृत्यु के बाद दान की गई आंखें किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए इस पदयात्रा का आयोजन किया गया है।

आशा पर्यावरण के संयोजक विपिन कुमार ने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण रोकने की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
जागरूकता अभियान के तहत प्रतिभागियों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर लगभग एक किलोमीटर तक पदयात्रा की और आम लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नेत्रदान, अंगदान एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्प लिया।
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार, पूर्व चेयरमैन मीना सिंह, रोटरी क्लब के मनीष पांडे, मनोज वर्मा, सौरभ तिवारी, मंजेश केशरी, शिका फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक कुमार, भारत ज्ञान विज्ञान समिति की सचिव अनीता यादव, वरिष्ठ पत्रकार शशांक शेखर, जदयू जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, प्रदेश सचिव अशोक प्रजापति, भाजपा नेता पूनम रविदास, रोटरी अध्यक्ष निर्मल कुमार सिंह, डॉ. धर्मेंद्र, सुनील सरला, विक्रम जयनारायण निषाद सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नेत्रदान एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।




