
बक्सर। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बेलौटी गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के विरोध में रविवार को जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष बजरंगी मिश्रा के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
जिला अध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने कहा कि कैंडल मार्च का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को मजबूत करना तथा समाज में शांति और एकजुटता का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी वर्षों से जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे थे। ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता की कथित एनकाउंटर में हुई मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शीघ्र न्यायिक जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों को निलंबित किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।

जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अभिषेक कुमार पांडेय ने कहा कि जिस प्रकार हाथरस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था, उसी तरह शाहपुर के भरत तिवारी प्रकरण में पटना हाईकोर्ट को भी स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई करनी चाहिए।
पार्टी के प्रभारी आनंद सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्य करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच होती तो शायद भरत भूषण तिवारी आज जीवित होते।
वहींपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्रीकांत पाठक ने मामले की न्यायिक जांच कराने, एसपी और डीएसपी को निलंबित करने तथा उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। राजपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी धनंजय पासवान ने कहा कि केवल थानाध्यक्ष को निलंबित कर देने से न्याय नहीं मिलेगा।
कैंडल मार्च में वरिष्ठ नेता धनजी पांडेय, अरविंद पांडेय, अजीत सम्राट, नीरज सिंह, प्रभात कुमार, बनारसी बिहारी, बिनोद मिश्रा, अजय सिंह, करुणानिधि दुबे, गणेश पांडेय, अमरेंद्र मिश्रा, सुरेश पासवान, अहमद फाइटर, सिंह राजा सिंह, धनजी उपाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।




