
बक्सर: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 की ऐतिहासिक महत्ता एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमिटी, बक्सर कार्यालय में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई.
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पंकज उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम भारत के प्रत्येक 6 से 14 वर्ष के बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक अधिकार प्रदान करता है. इस कानून के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है.
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला होती है और शिक्षा का अधिकार अधिनियम देश के हर बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने वाला एक ऐतिहासिक कानून है. उन्होंने सरकार से इस कानून के पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए.

इस दौरान उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की तथा कहा कि भविष्य में पेपर लीक के मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कामेश्वर पांडे सहित जिला कांग्रेस कमिटी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे. सभी ने शिक्षा के अधिकार को जन-जन तक पहुंचाने तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया.




