वाराणसी में श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन कृष्णमय, भव्य जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु

बक्सर/वाराणसी। वाराणसी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को पूरा कथा पांडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। परम पूज्य बाबा गोबिंद जी महाराज के पावन सानिध्य में चल रही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भव्य जन्मोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा माहौल ‘गोकुल’ जैसा हो गया। कृष्ण जन्म के पावन प्रसंग पर श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति में झूम उठे और भजनों की धुन पर नृत्य करते नजर आए।
कथा के दौरान महाराज श्री ने जड़ भरत चरित्र, भगवान नृसिंह अवतार की कथा तथा असुरराज कंस के अत्याचारों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने वसुदेव और देवकी के अटूट धैर्य और विश्वास का भावपूर्ण प्रसंग भी सुनाया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा पांडाल शंखध्वनि और “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर बाबा गोबिंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जब हृदय में भक्ति और करुणा का जन्म होता है, तभी वास्तविक रूप में कृष्ण का प्राकट्य होता है।” उनके इस संदेश से श्रद्धालु गहराई से प्रेरित हुए।
इस भव्य धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक अमित पाण्डेय और विजय (प्रमुख भू-खंड एवं फ्लैट निर्माता) ने कथा के दौरान विशेष झांकियों और नंदोत्सव की आकर्षक व्यवस्था की थी। दोनों यजमानों ने सपरिवार भगवान की आरती में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा पांडाल में नंदोत्सव का दृश्य बेहद मनमोहक रहा। श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की गई तथा भक्तों के बीच माखन-मिश्री और खिलौनों का वितरण किया गया। साथ ही आयोजित भजन संध्या में भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे, जिससे पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
आयोजक अमित पाण्डेय और विजय ने बताया कि कथा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी भक्त बिना किसी बाधा के कथा का आनंद ले सकें। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी कथा में कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।




