बक्सर के महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में युवा महत्वाकांक्षा पर संगोष्ठी, सांसद सुधाकर सिंह ने किया प्रतिभाओं का सम्मान

बक्सर: महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के तत्वावधान में “बदलते वैश्विक परिवेश में युवा वर्ग की महत्वाकांक्षा” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी सह प्रतिभा सम्मान समारोह–2026 का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि विश्वामित्र महामुनि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ, जिसमें अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया।
संगोष्ठी में शिक्षा, समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

मुख्य अतिथि बक्सर लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा बदलते वैश्विक परिवेश में नए अवसरों को पहचान रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं की सोच और उनके कर्म पर निर्भर करता है।
उन्होंने महर्षि विश्वामित्र के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राजपाट त्यागकर अपने तपोबल से ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाया और भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की दिशा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कर्तव्यनिष्ठ और आदर्श जीवन अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता प्रो० (डॉ.) मृत्युंजय सिंह ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में युवाओं की महत्वाकांक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने युवाओं को प्रतिभा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० (डॉ.) महेश दत्त सिंह ने कहा कि आज का युवा तकनीक और ज्ञान के बल पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रधानाचार्य प्रो० (डॉ.) कृष्णा कान्त सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को नई दिशा और प्रेरणा देते हैं। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सांसद द्वारा मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अवनीश कुमार पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक (दर्शनशास्त्र) ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भरत कुमार चौबे, विभागाध्यक्ष (रसायनशास्त्र) ने किया।




