
बक्सर। जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनवर्सा गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल बक्सर में भर्ती कराया गया, जहां एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सोनवर्सा गांव निवासी इंद्रासन शाह के घर परिवार के लोगों ने तरबूज खाया था। तरबूज खाने के कुछ ही देर बाद सभी लोगों को उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने सभी को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया।
बीमार लोगों में इंद्रासन शाह, उनकी पत्नी ललिता देवी, बेटी गीता देवी, बहू कविता देवी, कविता देवी के दो बच्चे काव्य कुमारी और गोलू शाह तथा बहू रिंकी देवी शामिल हैं। इनमें रिंकी देवी की स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। अन्य सभी मरीजों का इलाज सदर अस्पताल बक्सर में चल रहा है।
इस संबंध में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सरस्वती चंद्र मिश्रा ने बताया कि तरबूज को अधिक लाल दिखाने के लिए किसी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक खुले में रखने से उस पर मक्खियां बैठ जाती हैं, जिससे संक्रमण और फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।

चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में खुले में रखे कटे फल खाने से बचें और फल खरीदते समय साफ-सफाई तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।




