
बक्सर। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्र संचालकों का महाधरना लगातार जारी है। केंद्र संचालक अपने संस्थानों के नवीनीकरण (रिन्यूअल) और उन्हें तत्काल प्रभाव से दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बक्सर के केंद्र संचालक रवि रंजन चौबे ने आंदोलन से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्रों के संचालन पर रोक से जिले के करीब 40 संचालक प्रभावित हैं।
केंद्र संचालकों के अनुसार, पूरे बिहार में 1,700 से अधिक KYP केंद्रों के संचालक और उनसे जुड़े हजारों कर्मचारी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं। उनका दावा है कि पिछले पांच-छह महीनों से बिना किसी लिखित आदेश के केंद्रों का रिन्यूअल रोक दिया गया है। इसके कारण केंद्रों पर नए नामांकन और भुगतान की प्रक्रिया ठप है।
25 हजार शिक्षकों-कर्मियों के रोजगार पर संकट

आंदोलनरत संचालकों का कहना है कि केंद्रों के बंद रहने से राज्य में करीब 25 हजार शिक्षकों और अन्य कर्मियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। वहीं, करीब एक लाख से अधिक विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
200 करोड़ रुपये की पूंजी फंसने की आशंका
केंद्र संचालकों ने बताया कि उन्होंने निजी स्तर पर निवेश कर कंप्यूटर, इंटरनेट सहित आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की थी। संचालकों का आरोप है कि विभाग की ओर से नए टेंडर लाने की चर्चा के बीच पुराने केंद्र संचालकों की करीब 200 करोड़ रुपये की पूंजी फंसने की आशंका है।
आंदोलनरत संचालकों की मुख्य मांग है कि पुराने और अनुभवी KYP केंद्र संचालकों के केंद्रों का नवीनीकरण किया जाए और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को अविलंब बहाल किया जाए। संचालकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।




