वन स्टॉप सेंटर का DM व SP ने किया संयुक्त निरीक्षण पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय व सहायता का लक्ष्य


बक्सर। जिला पदाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री शुभम आर्य ने बुधवार को वन स्टॉप सेंटर, बक्सर का संयुक्त निरीक्षण किया। यह केंद्र वर्तमान में बक्सर सदर प्रखंड परिसर स्थित अपने भवन में संचालित है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने एवं त्वरित निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए तथा लंबित वादों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ प्रमुख चौक-चौराहों पर भी वन स्टॉप सेंटर से मिलने वाली सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ज़रूरतमंद महिलाएं बिना हिचक सहायता प्राप्त कर सकें। साथ ही ग्रामीण इलाकों में जाकर पीड़ित महिलाओं का काउंसलिंग व सहयोग उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने कहा कि थानाध्यक्षों के साथ होने वाली बैठकों में केंद्र प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों में समन्वित कार्रवाई हेतु सूचनाओं का सतत आदान-प्रदान आवश्यक है। पुलिस स्तर पर त्वरित व संवेदनशील कार्रवाई प्राथमिकता रहेगी।
क्या है वन स्टॉप सेंटर?
किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं—
चिकित्सीय सहायता
कानूनी परामर्श
मनोसामाजिक काउंसलिंग
अधिकतम 5 दिनों की अल्पावास सुविधा
विभिन्न विभागीय व कानूनी लाभों से जोड़ने की व्यवस्था

वर्ष 2025–26 में अभी तक घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह, यौन शोषण सहित कुल 94 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 81 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



