
बक्सर। जिले में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रम विभाग के विशेष धावा दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धनसोई और डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में बच्चों को सकुशल रेस्क्यू कर जिला मुख्यालय लाया गया।
अभियान के दौरान धनसोई के बन्नी तथा डुमरांव अनुमंडल के कई होटलों और दुकानों में अचानक छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई में श्रम विभाग के विशेष धावा दल के साथ गैर सरकारी संस्थाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहयोग दिया। टीम में राजपुर, चक्की, डुमरांव, चौगाई और इटाढ़ी के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शामिल रहे। वहीं, स्व. कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के कार्यकर्ता अमिताभ गौतम, अजीत एवं विकास ने भी मौके पर मौजूद रहकर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुक्त कराए गए चारों बच्चों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा बच्चों की काउंसिलिंग कर उनके पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
नियोक्ताओं के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
विभागीय अधिकारियों ने बच्चों से अवैध रूप से काम कराने वाले दुकानदारों और नियोक्ताओं के खिलाफ बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस कार्रवाई के बाद बाल श्रमिकों का शोषण करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप मच गया है।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




