
बक्सर: मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. इसी कड़ी में गुरुवार को जिलाधिकारी श्रीमती साहिला एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया.
फ्लैग मार्च ज्योति चौक से शुरू होकर खलासी मुहल्ला, यमुना चौक, ठठेरी बाजार, बड़ी मस्जिद होते हुए मॉडल थाना तक निकाला गया. इस दौरान अधिकारियों ने आम लोगों से शांति एवं भाईचारा बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की.
मुहर्रम पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. इसके तहत 128 स्टैटिक दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी, 31 गश्ती दल, दो जोनल दंडाधिकारी, दो क्यूआरटी टीम तथा 106 ताजिया जुलूसों के साथ दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. साथ ही जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है.

प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 107 लाइसेंसी ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे, जिनमें बक्सर अनुमंडल में 48 तथा डुमरांव अनुमंडल में 59 जुलूस शामिल हैं. 25 जून से ताजिया की मिट्टी लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि 26 जून को शहादत की रात एवं 27 जून को पहलाम का कार्यक्रम आयोजित होगा.
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ताजिया की ऊंचाई निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा सभी जुलूसों के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा.
जुलूस में डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा भड़काऊ नारेबाजी, उत्तेजक गीतों एवं हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है. प्रशासन ने जुलूस आयोजकों से 10 से 25 जिम्मेदार व्यक्तियों का नाम, पता एवं आधार विवरण लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने संबंधी अंडरटेकिंग लेने का निर्देश दिया है. साथ ही सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है.
संवेदनशील स्थलों, कब्रिस्तानों एवं जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं. विद्युत, पेयजल, साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है.
सोशल मीडिया पर अफवाहों एवं भ्रामक संदेशों की निगरानी के लिए साइबर थाना एवं साइबर सेनानी व्हाट्सएप समूहों को सक्रिय किया गया है.
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने का निर्देश दिया है.




