
बक्सर: विकास कार्यों में लापरवाही और अफसरशाही के विरोध में जिला परिषद सदस्यों ने बुधवार को आंखों पर काली पट्टी बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला परिषद सदस्यों का चरणबद्ध आंदोलन 18 जून से शुरू हुआ है, जो 30 जून तक जारी रहेगा। आंदोलन के तहत पहले धरना, प्रदर्शन और अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया गया, जबकि चौथे दिन सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
डीडीसी पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने आरोप लगाया कि डीडीसी नियमित रूप से जिला परिषद कार्यालय नहीं आती हैं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी नहीं करती हैं। उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की योजनाओं की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें अधिकारियों और कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है तथा डांट-फटकार कर वापस भेज दिया जाता है।

सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के माध्यम से जिला परिषद को कमजोर करने और आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कार्यालय कर्मियों से अनिश्चितकालीन अवकाश के लिए आवेदन दिलवाने जैसी साजिश रची जा रही है।
आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा
जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र ठाकुर ने जिला परिषद अध्यक्ष को आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा। मांगों में वित्तीय वर्ष 2025-26 की 15वीं, 6वीं एवं 5वीं वित्त योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करना, वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक के विकास कार्यों का लंबित भुगतान अविलंब करना तथा वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की पूरक योजनाओं को पोर्टल पर अंकित कराने की मांग शामिल है।
इसके अलावा डीडीसी पर लगाए गए भेदभावपूर्ण एवं अभद्र व्यवहार को बंद करने, डाक बंगला के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर के आधार पर टेंडर जारी करने, सामान्य बैठकों में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा डीडीसी की नियमित कार्यालय उपस्थिति की मांग भी उठाई गई।
जिला परिषद की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
सदस्यों ने जिला परिषद की लगभग 1100 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पीपीपी मोड पर मार्केट, मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक परिसंपत्तियों का निर्माण कर परिषद की आय बढ़ाने की मांग की। मांग पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग के सचिव, पटना प्रमंडल के आयुक्त, अपर सचिव और जिला पदाधिकारी को भी भेजी गई है।
प्रदर्शन में राजीव कुमार, पूजा कुमारी, ममता कुमारी, बेबी देवी, सुनैना कुंअर, सहाना खातून, केदार सिंह, अरमान मालिक, मनोज कुशवाहा, धर्मेंद्र ठाकुर, मुर्तुजा अंसारी, संजय कुमार सिंह, नागेंद्र यादव, दिनेश सिंह और बसंत यादव सहित कई जिला परिषद सदस्य शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि डीडीसी कार्यालय में उनकी समस्याओं और मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।




