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डुमरांव के धबलु राय: संघर्ष से सफलता तक का सफर, भोजपुरी लोकगायक के रूप में बनाई अपनी पहचान

बक्सर। डुमरांव के दक्षिण टोला निवासी धबलु राय, जिनके पिता वीरेंद्र ठाकुर एक किसान हैं, आज भोजपुरी लोकगायकी की दुनिया में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। धबलु राय पिछले 13 वर्षों से लगातार भोजपुरी लोकगीत गा रहे हैं और अपनी सुरीली आवाज़ से दर्शकों के दिलों में जगह बना चुके हैं।

उनका एक प्रसिद्ध होली गीत “जइसन मर्दा खोजबू” शुरुआती दिनों में ही काफी वायरल हुआ था, जिसने उन्हें लोकगायन की दुनिया में पहचान दिलाई। धबलु राय ने उत्तर प्रदेश के वीरेंद्र सिंह धुरण से संगीत की शिक्षा ली है।

वे स्वर्गीय गायत्री ठाकुर के भतीजे हैं और बताते हैं कि उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन आज वे संगीत के माध्यम से एक सम्मानजनक और सुखद जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही उनका नया साइड सॉन्ग “रोक रोक डोलिया रे माई” लोगों के बीच आने वाला है, जिसे लेकर उनके प्रशंसक बेहद उत्साहित हैं।

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