
बक्सर। जिला परिषद कार्यालय परिसर में जिला पार्षद सदस्यों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को आंदोलन ने नया रूप ले लिया, जब नाराज जनप्रतिनिधियों ने अर्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) पर मनमानी करने तथा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन कर रहे जिला पार्षद सदस्यों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं एवं मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उनका आरोप है कि जिला परिषद से संबंधित योजनाओं और विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित प्रतिनिधियों की बातों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना था कि पहले शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा गया, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर तीसरे दिन अर्धनग्न प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा।

विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने किया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य पूजा देवी, धर्मेंद्र ठाकुर, सहाना खातून, सदस्य प्रतिनिधि अशोक यादव, मनोज कुशवाहा समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र वार्ता कर समस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा चरणबद्ध तरीके से विरोध जारी रहेगा।
जिला परिषद कार्यालय परिसर में काफी देर तक चले इस प्रदर्शन के दौरान लोगों की भीड़ जुटी रही। वहीं, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और संभावित वार्ता पर टिकी हुई हैं।




