बक्सर में मंदिर की जमीन पर कब्जे का विवाद फिर गर्माया, ग्रामीणों में आक्रोश — प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग


बक्सर | सदर प्रखंड के लालगंज गांव में एक बार फिर मंदिर की जमीन पर जबरन कब्जे का मामला सामने आया है।
गांव के ही सुदामा पहलवान के भतीजे मुन्ना यादव (पिता हरिहर यादव) पर आरोप है कि वे शंकर भगवान शिवाला मंदिर की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और मंदिर सेवक ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

⚖️ सेवक ने लगाया गंभीर आरोप, प्रशासन से लगाई गुहार
मामले की जानकारी देते हुए मंदिर के सेवक विजय कुमार सिंह (पिता स्व. शंकर दयाल सिंह) ने बताया कि उन्होंने मुफस्सिल थाना, बक्सर अंचलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक से लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड तक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, विवादित भूमि खाता संख्या 143, खेसरा 421 और खाता संख्या 114, खेसरा 378 में दर्ज है, जिसकी कुल रकबा लगभग 172 डिसमिल है। यह भूमि भगवान शंकर के नाम पर दर्ज धार्मिक संपत्ति है।

🌾 ग्रामीणों का आरोप — ‘मुन्ना यादव बार-बार कर रहे जबरन कब्जे की कोशिश’
ग्रामीणों ने बताया कि इस जमीन पर वे वर्षों से मंदिर ट्रस्ट की अनुमति से खेती-बारी करते आ रहे हैं,
लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों से मुन्ना यादव बार-बार हल जोतने और कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
कई बार स्थिति मारपीट और तनाव तक पहुंच चुकी है।
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📜 मंदिर प्रबंधन का दावा — ‘धार्मिक न्यास परिषद ने दी थी जिम्मेदारी’
विजय कुमार सिंह ने बताया कि इस भूमि और मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी उन्हें बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने सौंपी थी।
परिषद ने उन्हें 27 मई 2003 को अस्थायी न्यासकारी अधिनियम की धारा 33 के तहत नियुक्त किया था।
इससे पूर्व स्व. शंकर दयाल कुशवाहा (स्व. राम नारायण कुशवाहा के पुत्र) वर्ष 1977 से ट्रस्टी पद पर कार्यरत थे।
उनके निधन के बाद यह जिम्मेदारी विजय कुमार सिंह को दी गई।
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🕉️ इतिहास: परिवार ने 1955 में मंदिर को दान दी थी भूमि
इतिहास बताते हुए विजय कुमार सिंह ने कहा कि यह जमीन किसी साधारण विवाद की नहीं, बल्कि पारिवारिक आस्था से जुड़ी भूमि है।
उनकी दादी ने वर्ष 1955 में यह भूमि शंकर भगवान मंदिर के नाम पर दान में दी थी।
तब से इस पर मंदिर और धार्मिक न्यास परिषद का स्वामित्व रहा है।
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🚨 ग्रामीणों की चेतावनी — ‘अगर कार्रवाई नहीं हुई तो बिगड़ेंगे हालात’
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया,
तो गांव में स्थिति और भी तनावपूर्ण और अशांत हो सकती है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन और धार्मिक न्यास बोर्ड की कार्रवाई पर टिकी है,
ताकि इस पवित्र स्थल की भूमि की रक्षा हो सके और गांव में शांति कायम रहे।



