
बक्सर। बक्सर-इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पिलर संख्या-14 के ऊपर स्लैब धंसने के बाद जिलेवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को पहले भारी वाहनों और बाद में छोटे वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई थी। शनिवार को प्रशासन द्वारा पुल के दोनों छोर पर मिट्टी गिराकर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
आरओबी बंद होने के बाद लोगों को राहत देने के लिए इटाढ़ी रोड स्थित रेलवे फाटक को खोलने का दावा किया गया था, लेकिन हादसे के 24 घंटे बाद भी फाटक नहीं खुल सका। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी मार्ग से छोटे-बड़े वाहनों और यात्री गाड़ियों के माध्यम से आवागमन करते हैं। ऐसे में पुल बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।

वर्षों के इंतजार और लंबे संघर्ष के बाद बने इस ओवरब्रिज से लोगों को इटाढ़ी रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोगों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संभावित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पुल का महज कुछ दिनों में क्षतिग्रस्त होना गंभीर जांच का विषय है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल आवागमन पांडेयपट्टी रेलवे फाटक के रास्ते कराया जा रहा है। हालांकि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम और भीड़ की समस्या उत्पन्न होने लगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से राहत के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा इटाढ़ी रोड स्थित रेलवे फाटक को खोलने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।




