बक्सर स्टेशन का नाम ‘महर्षि विश्वामित्र स्टेशन’ रखने की माँग राज्यसभा में उठी
विश्वामित्र सेना के प्रयासों की जीत—राजकुमार चौबे


बक्सर। महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि बक्सर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यसभा में यह महत्वपूर्ण माँग रखी गई कि बक्सर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘महर्षि विश्वामित्र स्टेशन’ किया जाए।
विश्वामित्र सेना की इस पहल का सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है। राज्यसभा में चर्चा के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बक्सर का पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गौरवशाली है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत गौरव ट्रेन की शुरुआत के समय पहला रूट ‘रामायण सर्किट’ था, जिसके माध्यम से हजारों श्रद्धालु बक्सर पहुँचे और उन्हें दिव्य अनुभव प्राप्त हुआ।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि बक्सर स्टेशन का विकास अब आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक थीम पर किया जा रहा है, ताकि इस ऐतिहासिक स्थल की पहचान और भी भव्य व सशक्त स्वरूप में सामने आए।

इसी मुद्दे पर विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा—
यह हमारे लंबे संघर्ष की बड़ी जीत है। सरकार एवं रेलवे मंत्रालय को हृदय से धन्यवाद। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान हुआ है और बक्सर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में यह ऐतिहासिक पहल है।”
इस फैसले का स्वागत करते हुए सेना के अशोक उपाध्याय, रवि राज, मोहित दुबे, बलिराम मिश्रा, अर्जुन तिवारी, गोवर्धन चौबे, मुनमुन चोबे, गुड्डू पांडे, कपिल मुनि, मोती बाबा, सुरेंद्र तिवारी, धीरज सिंह, विजय कुमार, हरिशंकर दुबे एवं बबलू यादव ने खुशी जताई।



