फाउंडेशन स्कूल बक्सर में “TRYST WITH NATURE” पुस्तक का भव्य विमोचन, बच्चों की अनुभवजन्य शिक्षा बनी प्रेरणा


बक्सर। गुरुदास मठिया, इटाढ़ी रोड स्थित फाउंडेशन स्कूल में बच्चों एवं शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से लिखित पुस्तक “TRYST WITH NATURE” के विमोचन का भव्य, प्रेरणादायी एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन शैक्षणिक नवाचार, अनुभवात्मक अधिगम तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती निहारिका छवि (आईएएस), डीडीसी, बक्सर रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती कमरुन निशा, चेयरमैन, बक्सर उपस्थित रहीं। विद्यालय के मेंटॉर राजेश्वर मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इस अवसर पर पंचानंद सर, सरोज सर, भारत सर, प्रकाश पांडेय सर तथा डॉ. प्रदीप पाठक (अध्यक्ष, स्कूल एसोसिएशन, बक्सर) सहित अनेक शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। विद्यालय का परिसर अभिभावकों, अतिथियों एवं विद्यार्थियों से खचाखच भरा रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनोज त्रिगुण द्वारा अतिथियों के स्वागत, पुष्पगुच्छ भेंट एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने बताया कि यह पुस्तक 33 विद्यार्थियों एवं 11 शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और बच्चों की उपलब्धियों को उत्सव के रूप में मनाना उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है।

प्रधानाचार्य ने जानकारी दी कि अक्टूबर माह में देहरादून शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदा को नजदीक से देखा और समझा। बच्चों ने समस्याओं की पहचान के साथ-साथ उनके संभावित समाधान भी पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किए, जो उनकी संवेदनशीलता एवं प्रकृति के प्रति गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एक-एक कर अपनी पीपीटी प्रस्तुतियां दीं और शैक्षणिक भ्रमण से मिली सीख, अनुभव तथा भविष्य में सुधार की संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से साझा किया। यह संपूर्ण गतिविधि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, कोठारी आयोग की सिफारिशों एवं बंडूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत को व्यवहार में उतारती नजर आई।
मुख्य अतिथि श्रीमती निहारिका छवि (आईएएस) ने अपने संबोधन में कहा कि वास्तविक परिस्थितियों से प्राप्त शिक्षा जीवन भर साथ रहती है। उन्होंने विद्यार्थियों को दीपक की संज्ञा देते हुए कहा कि हर बच्चा अपनी रोशनी से स्वयं के साथ-साथ पूरे राष्ट्र को प्रकाशित कर सकता है।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती कमरुन निशा ने विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं। गणित शिक्षक श्री रामायण राय ने शैक्षणिक यात्राओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सभी का मन मोह लिया। कक्षा 3 एवं 4 की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भारतीय नृत्य ने विशेष प्रशंसा बटोरी, जिसमें बिहार और उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक ने नए भारत की कल्पना को साकार किया।

स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप पाठक ने विद्यालय के शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम के अंत में अकादमिक एक्सीलेंस हेड डॉ. एस. के. दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के योगदान की सराहना की।
कुल मिलाकर, “TRYST WITH NATURE” का यह विमोचन केवल एक पुस्तक का लोकार्पण नहीं, बल्कि बच्चों की अनुभवजन्य शिक्षा, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री अनिल ओझा, अजय तिवारी, अविनाश पाठक, फ़राज़ खान, मीना श्रीवास्तव, बंदना कुमारी, अनुपमा पाठक, भारती देवी, अनीता सिंह, संजीव सिंह, मिथिलेश कुमार, राजीव पाठक, अमित कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।



