पैसों से पहले इंसानियत: बक्सर के डॉ. अमृत राज ने नवजात को दिया नया जीवन


lबक्सर शहर के बाजार समिति रोड स्थित अरविन्द नर्सिंग होम के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमृत राज ने चिकित्सा सेवा और मानवता की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। गंभीर अवस्था में जन्मे एक नवजात शिशु को समय रहते अत्याधुनिक इलाज देकर उन्होंने उसकी जान बचाई और चिकित्सा जगत में सकारात्मक संदेश दिया है।
बताया गया कि जन्म के बाद शिशु के न रोने और अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत विशेष चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की गई। डॉ. अमृत राज, जो शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमर सिंह के पुत्र हैं, ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया।
शिशु के पिता धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनके बच्चे को डॉ. अमृत राज ने नया जीवन दिया है। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान न तो डॉक्टर और न ही अस्पताल प्रबंधन की ओर से कभी पैसों को लेकर कोई दबाव बनाया गया। दवाइयों से लेकर इलाज तक हर स्तर पर उन्हें पूरी सहूलियत दी गई। इसके लिए वे और उनकी पत्नी ज्योति देवी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
इस संबंध में डॉ. अमृत राज ने बताया कि नवजात शिशु उनके लिए सिर्फ मरीज नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती होता है। बच्चे की जान बचाने में समय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मामले में शिशु का इलाज थेराप्यूटिक हाइपोथर्मिया तकनीक से किया गया, जो एक अत्याधुनिक और महंगी प्रक्रिया मानी जाती है। इस तकनीक के जरिए शिशु के मस्तिष्क को संतुलित किया जाता है।
इलाज के दौरान शिशु को तीन से चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया और लगभग दस दिनों के सतत इलाज के बाद अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
डॉ. अमृत राज ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि कम से कम खर्च में शिशु को बेहतर से बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने बताया कि हर महीने कई आर्थिक रूप से कमजोर मरीज आते हैं, जिनके मामलों में वे और उनके पिता केवल दवाइयों के खर्च पर ही इलाज करते हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुछ दिन पहले महज साढ़े पांच महीने में जन्मे एक शिशु का भी सफल इलाज किया गया था, जो अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुका है।

डॉ. अमृत राज का यह प्रयास न केवल चिकित्सा सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि समाज में भरोसे, संवेदनशीलता और मानवता को मजबूत करने वाला संदेश भी देता है।



