कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बक्सर में ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष उपवास’, मजदूरों के हक़ में एकजुट हुए कांग्रेसी


बक्सर।अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत रविवार को बक्सर शहर के मेन रोड स्थित पार्टी कार्यालय के समीप संगठन के बैनर तले “मनरेगा बचाओ संघर्ष उपवास कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास रखकर मनरेगा मजदूरों के अधिकार, रोजगार और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
उपवास कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि यह कार्यक्रम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम और उसके मूल स्वरूप में बदलाव की चर्चाओं के विरोध में आयोजित किया गया है। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि मनरेगा किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि देश के गरीब और श्रमिक वर्ग का कानूनी अधिकार है। इसके नाम या स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

डॉ. पांडेय ने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने मनरेगा लागू कर ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी दी थी, जिससे बेरोजगारी, भुखमरी और मजबूरी में होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर गरीबों से उनका हक छीनने का काम कर रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है। नीति में बदलाव, मजदूरी भुगतान में देरी, काम में कटौती और योजना को कमजोर करने के प्रयास अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

वरिष्ठ नेता डॉ. प्रमोद ओझा ने कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने गरीबों को रोजगार के साथ सम्मान भी दिया। इस योजना के मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार का समझौता कांग्रेस और देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
उपवास कार्यक्रम में पूर्व विधायक विश्वनाथ राम, महिला जिलाध्यक्ष निर्मला देवी, कामेश्वर पांडेय, भोला ओझा, संजय कुमार दुबे, रोहित उपाध्याय, बुच्चा उपाध्याय, पंकज उपाध्याय, लक्ष्मण उपाध्याय, अभय मिश्रा, राजा रमन पांडेय, दयाशंकर सिंह, कमल पाठक, रामप्रसन्न द्विवेदी, महेंद्र चौबे, अकबरी नजबून, निशा, शहजाहां, नजिया परवीन, कृष्णकांत दुबे, नीतीश कुमार, अजय कुमार, बड़े सिंह, शुभम तिवारी, गुप्तेश्वर चौबे, सुदर्शन सिंह, कमलकांत पाठक, अन्नागर्मन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।



