आठ दिनों से लापता बच्चों की खोज में मां बदहवास, थाने के दरवाजे पर रोज़ होती है फरियाद


बक्सर: किला मैदान के नजदीक स्थित दलित बस्ती में दो बच्चे पिछले आठ दिनों से लापता हैं। परिजन लगातार पुलिस और प्रशासन के दरवाजों पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है। इस घटना ने परिवार की खुशहाल जिंदगी को दर्दनाक मोड़ पर ला दिया है।
परिजनों का कहना है कि वे हर संभव जगह तलाश कर चुके हैं, लेकिन कहीं भी बच्चों का कोई पता नहीं चल पाया। बच्चे 12 जनवरी की शाम घर से नाराज़ होकर निकले थे और वापस नहीं लौटे।

लापता बच्चों के पिता आकाश डोम ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बच्चों की खोज में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
परिजनों ने बताया कि लापता बच्चे विकाश कुमार (6 वर्ष) और शीतल कुमारी (13 वर्ष) हैं।
मां का हाल बेहाल
बच्चों के गायब होने के बाद से उनकी मां पूरी तरह टूट चुकी है। वह रोज़ थक-हारकर बैठी रहती है और बच्चों के लौटने की बाट जोहती रहती है।
मां ने बताया,
“मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है। कोई हमारे जिगर के टुकड़ों को ढूंढ़कर हमारे सामने ला दे। हम गरीब हैं, गरीबों की कोई सुनता ही नहीं। न पुलिस सुन रही है और न कोई प्रतिनिधि। हम पूरी तरह से थक हारकर बेसहारा हो गए हैं।”
परिवार ने प्रशासन और पुलिस से बच्चों को खोजने में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से भी सहयोग की अपील की है ताकि बच्चे जल्द से जल्द अपने घर वापस आ सकें।



