Others

प्रशासन से भूमाफियाओं पर शीघ्र कार्रवाई की मांग, अन्यथा होगा बड़ा आंदोलन: डॉ. अजीत कुशवाहा

बक्सर। डुमरांव से पूर्व विधायक एवं भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य डॉ. अजीत कुमार सिंह (कुशवाहा) ने दर्जनों पीड़ित परिवारों के साथ शुक्रवार को बक्सर के ज्योति प्रकाश चौक पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। पीड़ितों का आरोप है कि भाजपा नेता एवं व्यवसायी प्रदीप कुमार राय द्वारा अवैध रूप से उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में बक्सर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, समाजसेवी रामजी सिंह, चौसा किसान आंदोलन के नेता राम प्रवेश सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने पीड़ितों को अपना समर्थन दिया।
पीड़ित सुदामा उपाध्याय एवं विक्की कुमार गुप्ता ने कागजात दिखाते हुए बताया कि बक्सर नया बस स्टैंड बाइपास रोड (पेट्रोल पंप के पीछे) स्थित होटल वैष्णवी परिसर में उनकी पुश्तैनी भूमि को जबरन कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर अवैध निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है, जबकि इस मामले में सिविल कोर्ट, बक्सर में वाद दर्ज है और प्रदीप राय पर भारतीय दंड संहिता की धारा 467 व 471 के तहत संज्ञान लिया जा चुका है।


पीड़ितों ने बताया कि न्यायालयीन प्रक्रिया के बावजूद न तो अवैध कब्जा हटाया गया और न ही निर्माण पर रोक लगी है। उल्टे केस दर्ज होने के बाद से पीड़ित परिवारों को लगातार जान-माल की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अवैध कब्जा व निर्माण पर तत्काल रोक, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की।

डॉ. अजीत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदीप राय द्वारा सिर्फ रैयती भूमि ही नहीं, बल्कि प्रशासन से मिलीभगत कर सरकारी भूमि को भी फर्जी कागजात बनाकर हड़पने का प्रयास किया गया है। उन्होंने दावा किया कि जासो क्षेत्र में लगभग साढ़े चार एकड़ सरकारी भूमि पर भी कब्जे का मामला सामने आया है।

इसके अलावा बक्सर के सोहनपट्टी निवासी राजनकांत उपाध्याय ने आरोप लगाया कि लालगंज मौजा स्थित उनकी पुश्तैनी भूमि (खाता संख्या 137/115, प्लॉट संख्या 653/485, रकबा 17 कट्ठा) पर ओपन बिरला माइंड स्कूल परिसर में जबरन कब्जा कर लिया गया है और जमीन की मापी तक नहीं होने दी जा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला न केवल भूमाफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है, बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई से साफ इंकार कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भूमाफियाओं का भय प्रशासनिक महकमों तक में व्याप्त है।

डॉ. अजीत कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो पीड़ितों के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!