बक्सर के फाउंडेशन स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस
देशभक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और छात्र-छात्राओं के उत्साह ने बांधा समां


बक्सर। इठाढ़ी रोड स्थित गुरदास मठिया के समीप फाउंडेशन स्कूल के प्रांगण में सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। यह भव्य आयोजन छात्र-छात्राओं के असीम उत्साह और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत रहा, जिसने उपस्थित सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य श्री मनोज त्रिगुण, श्रीमती विमला देवी, श्री जे. आर. चौधरी सहित विद्यालय के सम्मानित स्टाफ एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से ध्वजारोहण कर किया गया। राष्ट्रगान के साथ वातावरण पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंग गया।
इसके पश्चात नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में जीवंतता भर दी। वहीं वरिष्ठ छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

एनसीसी कैप्टन एवं छात्रा तान्या ने अपने ओजस्वी भाषणों के माध्यम से आदर्श जीवन, सही प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य श्री मनोज त्रिगुण ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों से नागरिक बोध (Civic Sense) विकसित करने, मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने,
आत्म-अनुशासन अपनाने तथा पूर्ण ईमानदारी और देशभक्ति के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उनके विचारों ने उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा, आशा और विश्वास का संचार किया।
नर्सरी से लेकर कक्षा 11वीं तक के छात्र-छात्राओं ने देशभक्तिपूर्ण नाटकों, सामूहिक गीतों, शास्त्रीय नृत्य एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। सैनिक वेशभूषा में सजे बच्चों तथा ‘मानव पिरामिड’ की प्रस्तुति ने छात्रों के साहस, अनुशासन और वीरता का सजीव प्रदर्शन किया।
एक विशेष प्रस्तुति में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के शौर्य, बलिदान और दृढ़ संकल्प को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। वहीं एक भावुक नाट्य मंचन में एक सैनिक के सर्वोच्च बलिदान की मार्मिक गाथा प्रस्तुत की गई, जिसने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
गणतंत्र और देशभक्ति पर आधारित सामूहिक गीतों ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और एकजुटता की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।



