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लंबित मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों का बक्सर में एकदिवसीय धरना, डीएम को सौंपा ज्ञापन

बक्सर।राजस्व कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को भूमि सुधार कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में राजस्व कर्मचारियों ने होमगार्ड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

धरना को संबोधित करते हुए संघ के प्रतिनिधि राकेश कुमार ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है, वहीं विभाग द्वारा लगातार नए-नए असंवैधानिक फरमान जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के बलबूते राजस्व व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित कर रही है, लेकिन कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों को पूर्व में स्वीकार तो कर लिया गया था, लेकिन आज तक उनका कार्यान्वयन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष है।
धरनास्थल पर कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि राजस्व कर्मचारियों का ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) के स्थान पर 2800 (लेवल-5) किया जाए। साथ ही, अब योग्यता स्नातक निर्धारित किए जाने के बाद ग्रेड पे 4200 किया जाना चाहिए। सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को शीघ्र गृह जिला में पदस्थापन देने की भी मांग की गई।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभाग के तत्कालीन मंत्री रामसूरत राय द्वारा पूर्व में की गई त्रुटियों का खामियाजा आज भी राजस्व कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है और विभाग इस पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है। बिहार सरकार की नियमावली 2010 में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले राजस्व कर्मचारियों को वरीयता के आधार पर प्रोन्नति देने का स्पष्ट प्रावधान है, बावजूद इसके 15 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके कर्मचारियों को अब तक प्रोन्नति नहीं मिली है।

कर्मचारियों ने एसीपी/एमएसीपी का लाभ समय पूर्ण होने के पांच वर्ष बाद तक भी नहीं मिलने, सेवा संपुष्टि में अनावश्यक विलंब तथा तीन वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संपुष्टि नहीं किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई।

धरने में यह भी बताया गया कि एक-एक राजस्व कर्मचारी को कई हल्का एवं पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य एवं पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

राजस्व कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा कार्य निष्पादन हेतु लैपटॉप के अतिरिक्त कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। विभागीय कार्य ऑनलाइन होने के बावजूद इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है और निजी मोबाइल से आधार सीडिंग, फार्मर रजिस्ट्री जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। कई स्थानों पर राजस्व कर्मचारियों के पास बैठने के लिए स्थायी कार्यालय तक नहीं है और बुनियादी सुविधाओं जैसे कुर्सी, टेबल, पंखा, लाइट, कागज एवं प्रिंटर तक का अभाव है।

धरने के दौरान रविवार एवं अन्य राजपत्रित अवकाश में राज्यपाल के आदेश के विरुद्ध कार्य कराए जाने तथा सुबह 7–8 बजे से रात 9 बजे तक कार्यालय समय तय किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।

कर्मचारियों ने यह भी कहा कि अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा राजस्व कर्मचारी के पदनाम को बदलकर सहायक राजस्व पदाधिकारी करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

धरना प्रदर्शन में संजय यादव, कृष्णा कुमार, सतनारायण प्रसाद, चंद्रकांत तिवारी, प्रकाश कुमार, सुजीत कुमार, नागेंद्र कुमार मंडल, कोमल कुमारी एवं आरती कुमारी सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी शामिल रहे।

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