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बक्सर के गाइडलाइन कोचिंग का शानदार रिजल्ट मैट्रिक में 100% सफलता, गरीब परिवार की बेटी बनी टॉपर

बक्सर सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एनएच-922 स्थित गाइडलाइन कोचिंग सेंटर ने इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम हासिल कर एक मिसाल कायम की है। कोचिंग के सभी छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त कर न केवल अपने अभिभावकों बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इस उपलब्धि के अवसर पर कोचिंग सेंटर के निदेशक तेजनारायण गुप्ता ने सभी सफल विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है।

टॉपर बनीं सुनीता, संघर्ष से हासिल की सफलता:
इस वर्ष छात्रा सुनीता कुमारी ने 460 अंक (92%) प्राप्त कर कोचिंग में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। उनके पिता महेंद्र यादव ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

वहीं आदर्श पांडेय ने 435 अंक (87%) प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके पिता ज्ञानप्रकाश पांडेय, निवासी हरिकिशनपुर, ने बेटे की सफलता पर गर्व जताया।
इसके अलावा रिया यादव, प्रिया गुप्ता, नंदनी कुमारी, प्रियंका गुप्ता, जूही कुमारी, पुनीता कुमारी, प्रतिमा कुमारी, पूजा यादव, संतोषी कुमारी, निधि कुमारी, सुंदरी कुमारी, राजेश कुमार, प्रीति कुमारी और विकास कुमार सहित सभी छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल कर कोचिंग की उपलब्धि को और भी खास बना दिया।

ग्रामीण प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन:
इस सफलता की खास बात यह रही कि अधिकांश विद्यार्थी पड़री, बेलाउर, साहोपरा और हरिकिशनपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए संसाधन नहीं, बल्कि मजबूत इरादे और सही मार्गदर्शन जरूरी होता है।

शिक्षकों की मेहनत रंग लाई:
कोचिंग के शिक्षकों की भूमिका इस सफलता में बेहद महत्वपूर्ण रही। अंग्रेजी के शिक्षक विकास सर, संस्कृत के अजीत कुमार, सोशल साइंस की जूही गुप्ता और विज्ञान की मुन्नी कुमारी ने विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई में मार्गदर्शन दिया, बल्कि उन्हें लगातार प्रेरित भी किया।

शिक्षा से बदल रही तस्वीर:
गाइडलाइन कोचिंग सेंटर का यह परिणाम यह दर्शाता है कि सही दिशा, समर्पित शिक्षक और निरंतर मेहनत से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। यह उपलब्धि आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता को और मजबूत करेगी।

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