
बक्सर। महर्षि विश्वामित्र सामूहिक विवाह महोत्सव महायज्ञ का शुभारंभ मंगलवार को भक्ति, सेवा और सामाजिक सरोकार के संगम के साथ हुआ। कार्यक्रम के तहत रामलीला मंच, किला मैदान बक्सर में देवी जागरण, हरिकीर्तन एवं महादान शिविर का आयोजन किया गया।
महायज्ञ के अवसर पर “ब्यूटीफुल लाइफ ओनली ऑन डोनेटिंग ब्लड, बक्सर” के सहयोग से रक्तदान जागरूकता अभियान एवं महादान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन भोजपुरी गायक एवं अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू ने स्वयं रक्तदान कर किया।
इस अवसर पर सामूहिक विवाह महोत्सव समिति के अध्यक्ष ओमजी यादव, राजा पाहवा, बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के सचिव सुमित कुमार मानसिंहका, ब्लड बक्सर के संस्थापक प्रियेश, उपाध्यक्ष रविशंकर शर्मा, सचिव प्रविव रंजन, कैंप कोऑर्डिनेटर नसीम नायक, रवि रंजन पांडेय एवं आदिल खान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

वहीं महायज्ञ का आगाज देवी जागरण एवं भक्ति कार्यक्रमों के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सह समाजसेवी रोहतास गोयल, सुमित कुमार मानसिंहका एवं ओमजी यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
रक्तदान शिविर में कुल 55 रक्तवीरों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। शिविर में अरविंद अकेला कल्लू, गुलशन सिंह, रवि रंजन पांडेय, गोविंद कुमार, मो. आरिफ, मो. वसीम, अजीत कुमार, राहुल कुमार, सतीश पांडेय, महेश भौतिक, उमेश सिंह, सत्य प्रकाश जायसवाल, विजय केशरी, आनंद कुमार एवं राहुल वर्मा सहित कई युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओमजी यादव ने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
रक्तदान शिविर के कोऑर्डिनेटर नसीम नायक ने बताया कि रक्तदान से नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है तथा कई गंभीर बीमारियों के खतरे कम होते हैं। रक्तदान के दौरान स्वास्थ्य जांच भी निःशुल्क की जाती है, जिससे व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की स्थिति से अवगत हो सकता है।
कार्यक्रम में आदिल खान ने सभी सहयोगियों, रक्तदाताओं एवं माँ तपेश्वरी देवी ब्लड सेंटर के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में रक्तदाताओं को मोमेंटो, अंगवस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मेजर पी.के. पांडेय, संतोष चौबे, मो. तहसीम शम्सी, बेबी, जय कुमार एवं शशि भूषण का विशेष योगदान रहा।




