
बक्सर। सनातन विरासत के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर विश्वामित्र सेना द्वारा उठाई गई मांग का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। बिहार सरकार ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
दरअसल, विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में बिहार, विशेषकर बक्सर की सनातन विरासत के संरक्षण, संवर्धन तथा धार्मिक स्थलों के समुचित विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इस दौरान भगवान वामन मंदिर सहित जिले की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए सरकार से ठोस पहल करने की मांग की गई थी।
इसी क्रम में बिहार सरकार की हालिया मंत्रिमंडल बैठक में भगवान वामन मंदिर के समग्र विकास को लेकर अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने मंदिर परिसर के लिए भूमि को पृथक रूप से चिन्हित कर सुरक्षित रखने, चहारदीवारी एवं सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की।

सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा कि यह केवल विश्वामित्र सेना की नहीं, बल्कि समस्त सनातन समाज की आस्था और संकल्प की विजय है। उन्होंने कहा कि भगवान वामन मंदिर बक्सर की आध्यात्मिक पहचान और सनातन विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है तथा इसके विकास से जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बिहार सरकार एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने सनातन समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। विश्वामित्र सेना ने विश्वास जताया कि मंदिर के विकास के बाद यह स्थल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।




