
बक्सर । पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर उर्दू प्राथमिक विद्यालय, खीरी में ई-वेस्ट संग्रह अभियान चलाया गया. निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित अभियान के दौरान विद्यार्थियों को ई-वेस्ट के दुष्प्रभाव और इसके सुरक्षित निपटान की जानकारी दी गयी. चेतना सत्र में जागरूकता गतिविधियों के साथ क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी.
अभियान के दौरान बच्चों को बताया गया कि पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे की-बोर्ड, माउस, चार्जर, तार समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ई-वेस्ट की श्रेणी में आते हैं. इन्हें सामान्य कूड़े के साथ फेंकने से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए ई-वेस्ट को अलग रखकर अधिकृत संग्रह या पुनर्चक्रण केंद्र तक पहुंचाना चाहिए.
घर से ई-वेस्ट लेकर पहुंचे बच्चे

अभियान के तहत विद्यार्थियों ने अपने-अपने घरों से पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान लाकर विद्यालय में जमा किया. विद्यालय परिसर में रखी काली बाल्टी में ई-वेस्ट एकत्र किया गया. इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को ई-वेस्ट के पृथक्करण, संग्रह और सुरक्षित निपटान के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी गयी. साथ ही उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को स्वयं खोलने या तोड़ने से बचने की सलाह दी गयी.
क्विज के माध्यम से बढ़ायी जागरूकता
चेतना सत्र में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. सवालों के माध्यम से ई-वेस्ट और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जानकारी को परखा गया. शिक्षकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होती है.
कार्यक्रम में प्रधान शिक्षक धनंजय, वरीय शिक्षक सौलत महमूद खान के अलावा शिक्षक मोहम्मद जमशेद आलम, शमशाद आलम, जावेद खान और गौरव यदुवंशी उपस्थित रहे. अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में ई-वेस्ट के सुरक्षित प्रबंधन की आदत विकसित करने के साथ स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना रहा.



