बक्सर में छापेमारी के दौरान तीन वाहन चोर गिरफ्तार, हाईटेक चाबी कोडिंग मशीन व मास्टर चाबी बरामद

बक्सर. नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली के कुख्यात वाहन चोर समेत तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह कार्रवाई स्टेशन रोड स्थित होटल अप्सरा में छापेमारी कर की. गिरफ्तार अपराधियों के पास से हाईटेक ओबीडी चाबी कोडिंग मशीन, आधा दर्जन मास्टर चाबियां, ड्रिल मशीन, पेचकस समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, गिरोह बक्सर को नया ठिकाना बनाकर बड़ी वाहन चोरी की घटना को अंजाम देने की तैयारी में था.
नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली का शातिर वाहन चोर अपने साथियों के साथ होटल में ठहरा हुआ है और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने होटल अप्सरा में छापेमारी की. होटल कर्मियों को स्वतंत्र गवाह बनाकर कमरे की तलाशी ली गई, जहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
डिजिटल चाबी बनाने वाली मशीन समेत कई उपकरण बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस को अपराधियों के पास से आधुनिक तकनीक वाली ”XHORSE” कंपनी की ओबीडी टूल मशीन मिली. पुलिस के अनुसार, इसका इस्तेमाल वाहनों की डिजिटल चाबी कोडिंग करने में किया जाता है. इसके अलावा एक ड्रिल मशीन, रिंच, पांच पेचकस, छह मास्टर चाबियां, टॉर्च और अलग-अलग कंपनियों के चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.
तिहाड़ जेल जा चुका है मुख्य आरोपी
पूछताछ में मुख्य आरोपी रवि चौहान ने पुलिस को बताया कि वह वाहन चोरी के मामलों में दिल्ली की तिहाड़ जेल में कई बार जा चुका है. जेल से बाहर आने के बाद उसने बक्सर निवासी अपने पुराने साथी अजीत सिंह से संपर्क किया था. पुलिस के अनुसार, अजीत सिंह ने ही उसे बक्सर बुलाकर स्टेशन रोड स्थित होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी.
गिरोह की योजना दिन में वाहनों की रेकी करने और रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की थी. चोरी किए गए वाहनों को शराब, गांजा और चरस जैसे अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को सस्ते दामों पर बेचने की तैयारी थी.
तीन गिरफ्तार, स्थानीय साथी की तलाश जारी
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान रवि चौहान निवासी मोहन नगर, दिल्ली, मोहम्मद रेहान आलम निवासी पातेपुर, वैशाली और सोनू कुमार निवासी गोरौल, वैशाली के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं, स्थानीय सहयोगी अजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.




