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फाउंडेशन स्कूल में विशेष प्रार्थना सभा, सत्र 2026-27 के प्रोस्पेक्टस एवं रजिस्ट्रेशन फॉर्म का लोकार्पण

बक्सर। फाउंडेशन स्कूल में आज आयोजित प्रार्थना सभा विशेष आकर्षण का केंद्र रही, क्योंकि इसी अवसर पर नर्सरी से कक्षा 5 तक के लिए सत्र 2026-27 के प्रोस्पेक्टस और रजिस्ट्रेशन फॉर्म का औपचारिक विमोचन किया गया।
प्रोस्पेक्टस का लोकार्पण प्री-प्राइमरी और प्राइमरी शिक्षिकाओं के साथ-साथ नर्सरी कक्षा के नन्हे विद्यार्थियों के हाथों संपन्न हुआ, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल बन गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज त्रिगुण ने कहा कि यह प्रोस्पेक्टस मात्र एक पुस्तिका नहीं, बल्कि विद्यालय की दृष्टि, मूल्य और बच्चों के समग्र विकास हेतु बनाए गए मजबूत आधार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बचपन सीखने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है, और यही समय बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण की नींव रखता है।

प्रधानाचार्य ने महान शिक्षाविद मारिया मॉन्टेसरी का उद्धरण देते हुए कहा कि बच्चे के आरंभिक वर्ष उसके संपूर्ण व्यक्तित्व का आधार बनाते हैं। उन्होंने कोठारी आयोग (1966) का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी बच्चे के सर्वांगीण विकास की पहली सीढ़ी है।
इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के उस प्रावधान को रेखांकित किया जिसमें 3 से 8 वर्ष की आयु को Foundational Stage माना गया है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे को इस अवस्था में सुरक्षित, प्रेरणादायी और गतिविधि-आधारित वातावरण मिले, तो आगे की शिक्षा अत्यंत प्रभावी हो जाती है।

मनोज त्रिगुण ने मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की की थ्योरी का उल्लेख करते हुए कहा—
“बच्चा सामाजिक वातावरण से सीखता है, और सही वातावरण उसकी क्षमताओं को दिशा देता है।”
उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के लिए विविध मंच उपलब्ध हैं जहाँ वे अपनी प्रतिभा प्रस्तुत कर आत्मविश्वास के साथ सीखने और खोजने की आदत विकसित करते हैं। यही कारण है कि छोटे बच्चों का प्रवेश प्रारंभिक अवस्था में ही विद्यालय में होना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि विद्यालय को सदैव पूर्व छात्रों, वर्तमान विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास प्राप्त रहा है। इसी विश्वास के आधार पर विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रहा है।

कार्यक्रम में अकादमिक हेड डॉ. से. के. दुबे, रामायण राय, अनिल ओझा, सरोज सिंह, अजय तिवारी, भारती मैडम, अनुपमा मैडम, अनिल चौबे, राजीव पाठक, संजीव सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।

 

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