रामरेखाघाट के श्री रामेश्वर नाथ मंदिर में शुरू हुई शिव-पार्वती विवाह की रस्में, मटकोड़ व हल्दी संपन्न

बक्सर। शहर के पौराणिक रामरेखाघाट स्थित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह उत्सव की वैवाहिक रस्में विधिवत शुरू हो गई हैं। बुधवार को मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मटकोड़ एवं हल्दी की रस्म संपन्न कराई गई। महिलाओं द्वारा गाए जा रहे मंगल गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय और मंगलमय हो उठा।

भगवान राम द्वारा स्थापित माने जाने वाले इस प्राचीन मंदिर में विवाह आयोजन समिति के तत्वावधान में उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर मंदिर में एकत्रित हुईं और पारंपरिक गीतों के बीच बाबा रामेश्वर नाथ को हल्दी अर्पित की। गीतों के माध्यम से शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
पंचमुखी हनुमान मंदिर में संपन्न हुआ मटकोड़
मटकोड़ की रस्म के तहत महिला श्रद्धालु मेन रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पहुंचीं। वहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद परंपरा अनुसार कुदाल से मिट्टी की कोड़ाई की गई। इसके बाद श्रद्धालु मिट्टी लेकर मंगल गीत गाते हुए पुनः श्री रामेश्वर नाथ मंदिर परिसर में लौटीं।
इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजन समिति ने बताया कि मटकोड़ के उपरांत अगले दिन मेहंदी की रस्म संपन्न कराई जाएगी।

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता ओम जी यादव समेत शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शिव-पार्वती विवाह उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और मंदिर परिसर में प्रतिदिन भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।




