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बक्सर में राष्ट्रीय संगोष्ठी का बिगुल: 12-13 मई को जुटेंगे देशभर के विद्वान, महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में ब्रॉशर लॉन्च

बक्सर: जिले के शैक्षणिक परिदृश्य में एक अहम पहल के तहत महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आगाज़ होने जा रहा है। “भारतीय ज्ञान परंपरा में मानवता: एक अनन्त यात्रा” विषय पर आधारित इस संगोष्ठी का आयोजन 12 एवं 13 मई 2026 को महाविद्यालय के मानस सभागार में किया जाएगा।

इससे पूर्व प्राचार्य प्रो. कृष्णा कांत सिंह ने संगोष्ठी के ब्रॉशर एवं फ्लायर का विधिवत लोकार्पण किया। यह आयोजन अंग्रेजी एवं संस्कृत विभाग द्वारा IQAC के तत्वावधान में संयुक्त रूप से कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के कुलपति प्रो. शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी मार्गदर्शन दे रहे हैं, जबकि प्राचार्य प्रो. कृष्णकांत सिंह सह-संरक्षक की भूमिका में हैं।

संगोष्ठी के संयोजक अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रियेश रंजन, आयोजन सचिव संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रवि प्रभात हैं। वहीं सह-संयोजक के रूप में डॉ. प्रीति मौर्य एवं डॉ. ओम प्रकाश आर्य अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

लोकार्पण के दौरान प्राचार्य प्रो. कृष्णकांत सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि एक जीवंत और गतिशील बौद्धिक परंपरा है, जो मानवता के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारतीय ज्ञान प्रणाली के समावेशन को समय की जरूरत बताया।

इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित मानवीय मूल्यों, दर्शन, विज्ञान, साहित्य, भाषा, चिकित्सा, गणित एवं कला के विभिन्न आयामों पर अंतःविषयक विमर्श करना है।

कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से ख्यातिलब्ध विद्वान शामिल होंगे, जिनमें प्रो. उदय शंकर ओझा, प्रो. वाचस्पति द्विवेदी, प्रो. रविकांत, प्रो. आभा सिंह, प्रो. धनंजय कुमार सिंह, प्रो. आर.एन. तिवारी एवं वरिष्ठ पत्रकार गुंजन ज्ञानेंद्र सिन्हा प्रमुख हैं।

यह संगोष्ठी शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विद्वानों के लिए एक प्रभावी संवाद मंच साबित होगी।

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